Friday, April 12, 2024
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Chhatrapati Shivaji Maharaj Jayanti 2024: वीर योद्धा, कुशल शासक, सैन्य रणनीतिकार और मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज 

Chhatrapati Shivaji Maharaj Jayanti 2024: छत्रपति शिवाजी महाराज को भारतीय इतिहास में महान राजाओं में गिना जाता है। वे वीर योद्धा और कुशल शासक थे। उन्होंने मराठा साम्राज्य की स्थापना की। उनकी वीरता के कई किस्से हैं। उन्होंने राज्य को संघर्ष से मुक्त किया। उनकी जीवनी में कई महत्वपूर्ण घटनाएं हैं। उनके साहसी कार्यों की कहानी हमें प्रेरित करती है। उनके प्रेरणास्पद कथाएं हमें साहस और निर्णायकता की शिक्षा देती हैं।

Chhatrapati Shivaji Maharaj Jayanti

Shivaji Birth, Life, Wife, Children, Battles All in Hindi: शिवाजी एक महान भारतीय योद्धा थे। उन्होंने मराठा साम्राज्य की स्थापना की। उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए युद्ध लड़े। शिवाजी को अपने साहस और नेतृत्व के लिए याद किया जाता है। उनका जन्म दिन आज 19 फरवरी को मनाया जाता है। उनका जीवन प्रेरणादायक था। उन्होंने महाराष्ट्र के लिए अनेक योजनाएं बनाई। उनके नाम पर कई नगर और स्थानों को नामित किया गया है। शिवाजी का योगदान भारतीय इतिहास में अविस्मरणीय है। उनकी जीवनी से हमें साहस और दृढ़ता की प्रेरणा मिलती है।

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Chhatrapati Shivaji Maharaj का जन्म

  • शिवाजी का जन्म 19 फरवरी 1630 को हुआ। 
  • वे शिवनेरी दुर्ग, पुणे, महाराष्ट्र में जन्मे। 
  • उनका पूरा नाम शिवाजी राजे भोंसले था। 
  • उनके पिता का नाम शाहाजी और माता का नाम जीजाबाई था। 
  • उनकी मां के धार्मिक गुणों का गहरा प्रभाव था। 
  • शिवाजी ने भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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Chhatrapati Shivaji Maharaj की शिक्षा

  • उनकी प्रारंभिक शिक्षा घर पर ही हुई। 
  • उन्हें धार्मिक, राजनीतिक, और युद्ध विद्या की शिक्षा दी गई।
  • शिवाजी की मां जीजाबाई और कोंडदेव ने उन्हें महाभारत, रामायण और अन्य प्राचीन भारतीय ग्रंथों का पूरा ज्ञान दिया। 
  • उन्होंने बचपन में ही राजनीति और युद्ध नीति सीख ली थी। 
  • उनका बचपन राजा राम, गोपाल, संतों तथा रामायण, महाभारत की कहानियों और सत्संग के बीच बीता।
  • वह सभी कलाओं में माहिर थे।

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शिवाजी की पत्नी और बच्चे

शिवाजी की पहली शादी सईबाई निंबालकर के साथ 14 मई 1640 को हुई थी। उस समय शिवाजी की उम्र 10 साल थी। सईबाई से शिवाजी को 4 संताने हुईं। उनकी दूसरी पत्नी का नाम सोयराबाई मोहिते था। सोयराबाई एक प्रसिद्ध महिला थीं। शिवाजी की मृत्यु के बाद संभाजी को उत्तराधिकार मिला। संभाजी शिवाजी के बड़े बेटे थे।

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Chhatrapati Shivaji Maharaj द्वारा लड़े गए प्रमुख युद्ध

तोरणा फोर्ट की लड़ाई (1645)पुणे में स्थित तोरणा किला प्रचंडगढ़ के नाम से भी जाना जाता है। 1645 में यहां हुई लड़ाई का हिस्सा शिवाजी भी थे। तब उनकी उम्र 15 साल थी। छोटी उम्र में ही अपना युद्ध कौशल दिखाते शिवाजी ने इसमें जीत दर्ज की थी।
प्रतापगढ़ का युद्ध (1659)ये महाराष्ट्र के सतारा के पास प्रतापगढ़ किले पर लड़ा गया था। इस युद्ध में शिवाजी ने आदिलशाही सुल्तान के साम्राज्य पर आक्रमण किया और प्रतापगढ़ का किला जीत लिया।
पवन खींद की लड़ाई (1660)महाराष्ट्र के कोल्हापुर के पास विशालगढ़ किले की सीमा में ये युद्ध बाजी प्रभु देशपांडे और सिद्दी मसूद आदिलशाही के बीच लड़ा गया।
सूरत का युद्ध (1664):गुजरात के सूरत शहर के पास ये युद्ध छत्रपति शिवाजी महाराज और मुगल सम्राट इनायत खान के बीच लड़ा गया। शिवाजी की जीत हुई।
पुरंदर का युद्ध (1665)इसमें शिवाजी ने मुगल साम्राज्य के खिलाफ लड़ाई लड़ी और जीत हासिल की।
सिंहगढ़ का युद्ध (1670)इसे कोंढाना के युद्ध के नाम से भी जाना जाता है। मुगलों के खिलाफ लड़कर शिवाजी की फौज ने पुणे के पास सिंहगढ़ (तत्कालीन कोंढाना) किला जीता था।
संगमनेर की लड़ाई (1679)मुगलों और मराठाओं के बीच लड़ी गई ये आखिरी लड़ाई थी जिसमें मराठा सम्राट शिवाजी लड़े थे।

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शिवाजी को छत्रपति की उपाधि कैसे मिली?

आदिलशाह का षड्यंत्र: शिवाजी को बचाने के बाद, उन्होंने पिता को मुक्त किया। पुरंदर और जावेली के किलों पर अधिकार प्राप्त किया। मुगलों के खिलाफ जंग लड़ी और जीतीं। उनकी गुरिल्ला युद्ध कला अत्यंत प्रभावी थी। शिवाजी की नीतियों और सैन्य योजनाओं को सराहा गया। वे महाराष्ट्र के स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेता थे। औरंगजेब ने उन्हें धोके से कैद कर लिया था। पुरंदर संधि के तहत, 24 किलों को वापस लिया।

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